Shamli News: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर FIR के खिलाफ ब्राह्मण समाज का प्रदर्शन, SIT जांच की मांग

Shankaracharya Controversy: शामली में जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ दर्ज FIR पर ब्राह्मण समाज ने जोरदार प्रदर्शन किया. समाज ने FIR को निराधार बताकर इसे साजिश करार दिया.
जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर (FIR) के विरोध में शामली जनपद में ब्राह्मण समाज का भारी आक्रोश देखने को मिला है. ब्राह्मण समाज के लोगों ने जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया और इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय व निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की.
ब्राह्मण समाज के जिलाध्यक्ष प्रेम शंकर कोठारी ने कहा कि शंकराचार्य जी पर लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह से निराधार हैं. उन्होंने एफआईआर दर्ज कराने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी को ‘फ्रॉड’ करार देते हुए कहा कि वह कोई महाराज नहीं है. उन्होंने सरकार से अपील की है कि इस मामले की तुरंत और निष्पक्ष जांच हो ताकि ‘दूध का दूध और पानी का पानी’ हो सके. (बाइट: प्रेम शंकर कोठारी, जिलाध्यक्ष, ब्राह्मण समाज)
माघ मेले में हुए अपमान पर जताया रोष
ब्राह्मण नेता ओम प्रकाश शर्मा ने गहरी नाराजगी जताते हुए कहा कि देश में चार शंकराचार्य हैं और सभी हिंदुओं के लिए सर्वोपरि तथा पूजनीय हैं. पवित्र माघ मेले में शंकराचार्य जी और उनके शिष्यों के साथ जो घटना हुई और उन्हें स्नान से रोका गया, वह बेहद निंदनीय है. उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि जो सरकार खुद को हिंदुओं की सरकार कहती है, उसी के राज में हिंदुओं के सर्वोच्च धर्मगुरु को प्रताड़ित और अपमानित किया जा रहा है.
गौ-हत्या के खिलाफ बोलने पर रची गई साजिश?
ओम प्रकाश शर्मा ने आरोप लगाया कि जब से शंकराचार्य जी ने गौ-हत्या के खिलाफ मजबूती से आवाज उठाई है, तभी से उनके खिलाफ यह षड्यंत्र चल रहा है. चूंकि वह एक गैर-राजनीतिक व्यक्तित्व हैं और केवल धर्म की बात करते हैं—जो सही है उसकी सराहना करते हैं और गलत का विरोध करते हैं, चाहे वह कोई भी पार्टी हो—इसलिए उन्हें जानबूझकर फंसाया जा रहा है.
‘आरोपी का है आपराधिक इतिहास, गठित हो SIT’
ब्राह्मण नेताओं ने स्पष्ट किया कि आरोप लगाने वाले आशुतोष पांडे का ब्राह्मण समाज से कोई लेना-देना नहीं है. आरोप लगाया गया कि उसका पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और वह बार-बार अपना नाम बदलता है, जिससे उसकी मंशा पर साफ सवाल उठते हैं. प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की है कि एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया जाए, ताकि यह खुलासा हो सके कि यह साजिश किसके इशारे पर रची गई है.





